17 फ़रवरी 2019 - 17:53
सऊदी अरब की खुफिया एजेन्सी अशांति उत्पन्न करने का कार्यक्रम बना रही हैः जाफ़री

मौजूद प्रमाणु इस बात के सूचक हैं कि इस आतंकवादी घटना के तार सऊदी अरब से जुड़े हैं और सऊदी अरब आतंकवादियों का पोषण करता है।

सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात की खुफिया एजेन्सियां ईरान की सीमाओं पर अशांति उत्पन्न करने के लिए कार्यक्रम बना रही हैं। इस्लामी क्रांति संरक्षक बल सिपाहे पासदारान के कमांडर मोहम्मद अली जाफ़री ने यह बात कही।

उन्होंने कहा कि इस बात की ठोस जानकारी है कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात की खुफिया एजेन्सियां ईरान विशेषकर दक्षिण पूर्व में बड़े पैमाने पर अशांति उत्पन्न करने के लिए काम कर रही हैं। 13 फरवरी को ईरान के सीस्तान व बिलोचिस्तान प्रांत में सीमा सुरक्षा बलों की एक बस पर आतंकवादी हमला किया गया था जिसमें 27 जवान शहीद और 13 घायल हो गये थे।  

आतंकवादी गुट जैशुज़्ज़ुल्म ने इस हमले की ज़िम्मेदारी स्वीकार की है। उसका लक्ष्य सुरक्षा की आपूर्ति में ईरान की इस्लामी व्यवस्था को असक्षम दिखाना था।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामनेई ने शहीद होने वाले जवानों के परिजनों के नाम सांत्वना संदेश में कहा है कि इस अपराध का संबंध क्षेत्र और क्षेत्र से बाहर की कुछ देशों की खुफिया एजेन्सियों से है और देश के ज़िम्मेदार विभागों को इस बात पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिये और उस पर गम्भीरता से काम करें।

मौजूद प्रमाणु इस बात के सूचक हैं कि इस आतंकवादी घटना के तार सऊदी अरब से जुड़े हैं और सऊदी अरब आतंकवादियों का पोषण करता है।

सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान ने मई 2017 को स्पष्ट शब्दों में ईरान विरोधी षडयंत्रों से पर्दा उठाया और कहा था कि युद्ध को हम ईरान के भीतर ले जायेंगे।

बहरहाल सऊदी अधिकारी ईरान में अशांति व असुरक्षा फैलाने और आतंकवादी हमले करवाने में संकोच से काम नहीं ले रहे हैं और पाकिस्तान जैसे कुछ देशों को अपनी नीतियों की भेंट चढ़ा रहे हैं और इस प्रक्रिया का जारी रहना निश्चित रूप से उनके लिए हानिकारक सिद्ध होगा।

इस्लामी क्रांति के संरक्षक बल सिपाहे पासदारान के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अली ज़ाफरी के उस बयान को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है जिसमें उन्होंने कहा है कि ईरान आतंकवादी हमले में शहीद होने वालों का प्रतिशोध लेने में संकोच से काम नहीं लेगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान के धैर्य का पैमाना भर चुका है और ईरान तकफीरी आतंकवादियों के गुप्त समर्थन को अब सहन नहीं करेगा।